उपन्यास ‘नवोदय से सफर’ के युवा लेखक श्लोक सिंह जी से साक्षात्कार

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Buuks2Read को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए श्लोक सिंह जी को धन्यवाद करते हैं। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि लेखक की एक पुस्तक ‘नवोदय से सफर’ पिछले दिनों प्रकाशित हुई है। श्लोक सिंह जी ने Buuks2Read को साक्षात्कार के दौरान साहित्यिक सफर एवं अनुभवों को भी हमारे साथ साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को श्लोक सिंह जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-

उपन्यास ‘नवोदय से सफर’ के युवा लेखक श्लोक सिंह जी से साक्षात्कार

Buuks2Read : आपको पहली बार कब अहसास हुआ कि आप लेखक बनना चाहते हैं?

Shlok Singh : मै बचपन से ही कुछ न कुछ लिखता रहता था, मुझे जरूरत थी तो एक सही मार्गदर्शन की जो मुझे मेरी कमियां बता सके और ग्यारहवी की शुरुआत में मुझे सराहने वाले कम, कमियां बताने वालें ज्यादा मिले, उसी दिन मुझे महसूस हुआ कि मै अब अच्छा लेखक बन सकता हूं क्योंकि मै लेखक तो पहले से ही था।

Buuks2Read : आपकी एक पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी देना चाहेंगे, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?

Shlok Singh : यह किताब उन सभी लोगों को समर्पित है जो अपने ही घर के मेहमान बन गए, शिक्षा के लिए। यह किताब आज कल के हॉस्टल को एक रेखा चित्र में बांधती है और शाख को जल से, और जल को समंदर से मिलाती है और प्रेम को एक ताकत तो दूसरी कमजोरी जो हॉस्टल में रहने के उपरांत होता है। इस पुस्तक का नाम ‘ नवोदय से सफर ’ जिसका शाब्दिक अर्थ है नए उदय से सफर। जो हॉस्टल में आई कई समस्याओं के बाद शुरू होता है।

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Buuks2Read : पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?

Shlok Singh : प्रकाश को पुंज से निकलने में ज्यादा समय नहीं लगता, ये बात समझते-समझते मै कक्षा 11 में आ गया और जब बात समझ में आई तो मैने अपनी पुस्तक प्रकाशित करना सुनिश्चित किया।

Buuks2Read : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगे?

Shlok Singh : इस पुस्तक को लिखते समय मुझे पात्रों के चयन में दिक्कतें हुई, क्योंकि इससे पहले मै काव्य लिखता था और प्रेम संगीत लिखता था। पात्रों की समस्यायों को हल करने के बाद मेरे सामने एक नई समस्या थी, वो समस्या थी पात्रों को उनका उचित स्थान देना और सबसे बड़ी समस्या थी किताब का शीर्षक तय करना। खैर! आपको जान कर आश्चर्य होगा कि मैने अपना शीर्षक अपने सपने में देखा और उन सपनों को मैंने वास्तविक बना दिया।

Buuks2Read : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?

Shlok Singh : मेरी पहली सृजित रचना थी ‘ प्रेम एक अंधेरा’ जो अभी भी आप्रकासित है, नवोदय से सफर किताब से मेरा साहित्य जगत में आगमन हुआ।

Buuks2Read : अब तक के साहित्यक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?

Shlok Singh : ‘ नवोदय से सफर’ मेरी पहली शुरुआत है साहित्यक जीवन की और इसी किताब से मुझे बहुत प्यार मिला और मै आशा करता हूं कि आप लोग अपना ये प्यार मुझ पर बरक़रार रखेंगे।

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Buuks2Read : किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?

Shlok Singh : मेरी मां श्रीमती सविता सिंह से मुझे सबसे ज्यादा सहयोग प्राप्त हुआ।

Buuks2Read : साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियां / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगे?

Shlok Singh : साहित्य जगत में मुझे क्षेत्र स्तरीय और विद्यालय स्तरीय प्रमाण पत्र मिल चुके हैं।

Buuks2Read : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करते हैं? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?

Shlok Singh : मै लिखते समय किसी भी विद्या का ध्यान नहीं रखता हूँ, जिसके कारण मुझे लिखने में आसानी होती है।

Buuks2Read : आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?

Shlok Singh : जैसा कि सबको पता है, एक अभ्यर्थी को किसी भी दूसरे काम के लिए वक्त नहीं होता है। मगर मै समय से मार खाया अभ्यर्थी रात को 1 बजे के बाद लिखता था ताकि मुझे कोई लिखते हुए देख न ले और इसी कारण मै असंतुलित हो गया जिसके फलानुसार मेरा कक्षा 11 बिना कुछ पढ़े चला गया।

Buuks2Read : आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते हैं?

Shlok Singh : मै अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा अपने पिता से, अपनी माता से, अपने हॉस्टल वाले दोस्तों से लेता हूँ।

Buuks2Read : आपके जीवन में प्राप्त उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?

Shlok Singh : मैने मानिकपुर के एक विश्वविद्यालय में अपना एक भाषण दिया और सबसे बड़ी उस भाषण को एक वैज्ञानिक सुन रहे थे, जिन्होंने मुझे सराहना दी।

Buuks2Read : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?

Shlok Singh : मेरे आईडियल लेखक हैं सुशांत कुमार और मै उनकी किताब ‘रानी’ को पढ़ना पसंद करता हूं।

Buuks2Read : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे ?

Shlok Singh : समंदर के बारे में चींटी से पूछोगे तो वो क्या बताएगी, क्योंकि मै भी इतना बड़ा नहीं हूं, जो इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार दे सकूं। लेकिन मेरा प्रयास रहेगा कि हिन्दी साहित्य के उत्थान में अपना योगदान दे सकूं।

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Buuks2Read : साहित्य सृजन के आलावा अन्य शौक या हाॅबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Shlok Singh : मै शतरंज का राष्ट्रीय खिलाड़ी हूं। जिसके कारण शतरंज खेलना मेरी मजबूरी समझे या मेरा शौक।

Buuks2Read : क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहे हैं? यदि हां ! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Shlok Singh : मेरी अगली किताब में हॉस्टल के बाद की कहानी होगी।

Buuks2Read : साहित्य की दुनिया में नए-नए लेखक आ रहे हैं, उन्हें आप क्या सलाह देंगे?

Shlok Singh : साहित्य की दुनिया बहुत ही खूबसूरत है, परंतु काल्पनिक है। इस दुनिया में प्रवेश करते ही हम अपने वास्तविक दुनिया से दूर हो जाते हैं और काल्पनिक दुनिया में खो जाते हैं, इसलिए मै नए लेखकों को सलाह देना चाहता हूं कि वो दोनों दुनिया में सामंजस्य स्थापित करके आगे बढ़े।

Buuks2Read : यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अजी़ज शुभचिंतकों, पाठकों और प्रशंसको के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?

Shlok Singh : पुस्तक प्रकाशन प्रोसेस के दौरान बहुत ही रोचक अनुभव रहे हैं, जिसमें प्राची डिजिटल पब्लिकेशन को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं और मै दुआ करता हूं कि प्राची डिजिटल पब्लिकेशन का नाम दुनिया के सभी लेखक जानें और सभी बच्चे जानें। खैर! आप लोग हमेशा अपना प्यार बनाए रखें। आप सभी का सहृदय धन्यवाद।

लेखक की पुस्तक कैसे प्राप्त करें-

आप लेखक की पुस्तक को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर अमेजन या फ्लिपकार्ट से मंगा सकते हैं। किताब को खरीदने के लिए लिंक नीचे दिए गए हैं।

यदि आप लेखक की किताब को पढ़ चुकें हैं तो अपनी प्रतिक्रिया या विचारों को कमेंट करके जरूर शेयर करें।

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Nikita singh
Nikita singh
May 6, 2024 1:21 PM

That’s great