काव्य संग्रह ‘तराशें बचपन को’ के लेखक राम नारायण पाण्डेय जी से साक्षात्कार

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Buuks2Read को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए राम नारायण पाण्डेय जी को धन्यवाद करते हैं। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि लेखक की एक पुस्तक ‘तराशें बचपन को’ कुछ दिनों पूर्व प्रकाशित हुई है। राम नारायण पाण्डेय जी ने Buuks2Read को साक्षात्कार के दौरान साहित्यिक सफर एवं अनुभवों को साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को राम नारायण पाण्डेय जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-

काव्य संग्रह ‘तराशें बचपन को’ के लेखक राम नारायण पाण्डेय जी से साक्षात्कार

Buuks2Read : नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?

Ram Narayan Pandey : सबसे पहले प्राची पब्लिकेशन को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिसने अल्प समय में मेरी पुस्तक “आओ तराशें बचपन को” प्रकाशित किया। मै बचपन से ही साहित्य प्रेमी रहा, इसमें मेरे माता पिता का विशेष प्रभाव रहा, वे दोनों साहित्य के प्रति रुचि रखते थे। मेरी जन्म भूमि बाबा तुलसीदास जी की जन्मभूमि ही है और उनके ग्रन्थ से मै प्रभावित होकर लिखने का अभ्यास करता रहा। आज शिक्षक हूँ, और अपने लेखन की प्रवृत्ति को निखारने में संलग्न रहता हूँ।

Buuks2Read : आपकी एक पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी देना चाहेंगें, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?

Ram Narayan Pandey : मेरी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक “तराशें बचपन को” परिषदीय विद्यालयो के बच्चों शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा जबरदस्त पसन्द किया गया है। इसमें उल्लिखित विषय वस्तु रुचिकर और गतिविधि आधारित है।

Buuks2Read : पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?

Ram Narayan Pandey : मेरे स्कूल के बच्चे, सहयोगी शिक्षक हरिओम एवं दीदी पल्लवी भारद्वाज ने पुस्तक प्रकाशित करने को प्रेरित किया।

Buuks2Read : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?

Ram Narayan Pandey : जी, मेरी रचनाओं को लोगों ने विशेष कर बच्चों ने बहुत सराहा, 3000 प्रतियां मैने माँग के आधार पर फोटो कापी करके बच्चों तक पहुँचाया। फलस्वरूप मैने प्रकाशन के लिए मन बनाया और प्राची पब्लिकेशन ने मेरी चिर अभिलाषा को पूरा किया।

Buuks2Read : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?

Ram Narayan Pandey : वैसे तो मैने सैकड़ों रचनाएँ छन्द बद्ध किया लेकिन मेरी पहली रचना मैने तब लिखा जब मैं हाईस्कूल का छात्र था, मेरी रचना मां पार्वती और शिव जी को समर्पित अपने मन को उपदेश देने से संबंधित थी, जो मानस लहरी नामक प्रकाशमान पुस्तक में अंकित है। “गौरी गौरी शंकर शंकर भज मेरे मन दिन सारा” यही रचना प्रथम है।

Buuks2Read : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?

Ram Narayan Pandey : स्कूल मंगलम् गुरु ज्ञान मंगलम्, नामक रचना काफी लोकप्रिय रही।

Buuks2Read : किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?

Ram Narayan Pandey : अपने छोटे बेटी बेटे से, सहयोग प्राप्त होता है। वे स्वयं अनुप्रयोग करके फीडबैक देते हैं।

Buuks2Read : साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियाँ / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगें?

Ram Narayan Pandey : दो दर्जन प्रशस्ति पत्र, गणमान्य लोगों संस्थाओं और अधिकारियों से प्राप्त हुए हैं।

Buuks2Read : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?

Ram Narayan Pandey : पद्य विधा में लिखता हूँ, जिसको गतिविधि द्वारा आत्मसात किया जा सकता है।

Buuks2Read : आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?

Ram Narayan Pandey : अवकाश लेकर, एकांत में प्रकृति के मध्य जाकर मै लेखन करता हूँ।

Buuks2Read : आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते है?

Ram Narayan Pandey : बच्चों से और घटनाओं से।

Buuks2Read : आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?

Ram Narayan Pandey : मेरे शिक्षक द्वारा सिखाई गई कला, गिनती के अंको से पशु ओं के चित्र बनाना।

Buuks2Read : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?

Ram Narayan Pandey : मेरे आइडियल में रे पिता जी ही रहे, जो मुझे प्रभावी शब्दों को चयन करना और उन्हें विशेष ढंग से प्रस्तुत करना सिखाए।

Buuks2Read : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Ram Narayan Pandey : हिन्दी हमारी मातृभाषा है, हम हिन्दी के प्रसार के लिए कई अन्य भाषाएँ सीख रहे, ताकि अन्यों की भाषा में हिन्दी के महत्व को समझा सकें।

Buuks2Read : साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Ram Narayan Pandey : कला और अभिनय मुझे बहुत पसंद है।

Buuks2Read : क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Ram Narayan Pandey : हाँ, शीघ्र ही मेरी तीन पुस्तकें प्रकाशित होने जा रही। ‘मानस लहरी’ और ‘आत्मनिवेदन’ अध्यात्म पर तथा ‘शिक्षक: एक अद्भुत शिल्पकार’ शिक्षा पर आधारित है।

Buuks2Read : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?

Ram Narayan Pandey : अनुभव पर और आवश्यकता पर लिखना चाहिए, दिखावे के लिए नहीं।

Buuks2Read : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?

Ram Narayan Pandey : नि:संदेह, हमेशा साहित्य के क्षेत्र में कार्यरत रहूँगा।

Buuks2Read : यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?

Ram Narayan Pandey : पुस्तकें समाज की दर्पण होती हैं। अत: समाज के ताने बाने को वास्तविक धरातल में प्रस्तुत करने का भरपूर प्रयास करना चाहिए।

लेखक की पुस्तक कैसे प्राप्त करें-

आप लेखक की पुस्तक को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर अमेजन या फ्लिपकार्ट से मंगा सकते हैं। किताब को खरीदने के लिए लिंक नीचे दिए गए हैं।

यदि आप लेखक की किताब को पढ़ चुकें हैं तो अपनी प्रतिक्रिया या विचारों को कमेंट करके जरूर शेयर करें।

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