दोस्ती पर आधारित पुस्तक ‘जिगरी’ के लेखक डॉ. अरविंद मित्तल जी से साक्षात्कार

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Buuks2Read को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए राजस्थान से डॉ. अरविंद मित्तल जी का धन्यवाद करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ. अरविंद मित्तल जी की एक किताब ‘जिगरी’ पिछले दिनों ही Taneesha Publishers से प्रकाशित हुई है, जिसमें दोस्ती को लेकर एक लंबी कहानी बयां की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि डॉ. अरविंद मित्तल जी ने अपनी किताब को दोस्ती के समंदर में बहुत ज्यादा गहराई में जाकर लिखा है, जो आपको अंत तक बांधे रखेगी। पेशे से दंत विशेषज्ञ डॉ. अरविंद मित्तल जी ने Buuks2Read को साक्षात्कार के दौरान अपनी किताब लिखने एवं जीवन के कुछ अनुभवों को भी हमारे साथ साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को डॉ. अरविंद मित्तल जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-

Interview with Dr Arvind Mittal

Buuks2Read : यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?

Dr. Arvind Mittal : मैं 15 अगस्त 1986 को राजस्थान के एक छोटे से गाँव पुरषोत्तमपुरा में पैदा हुआ। फ़िलहाल में कोटपूतली, जयपुर में रह रहा हूँ। मैं एक चिकित्सक हूँ और अपनी सेवाएं अपने हॉस्पिटल (मित्तल स्माईल केयर) में दे रहा हूँ।

प्राथमिक शिक्षा कोटपूतली से समाप्त करने के बाद, माध्यमिक शिक्षा और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कोटा, राजस्थान से पूरी की। कर्नाटक के बिदर के डेंटल कॉलेज में दाखिला लिया जहाँ से वर्ष 2010 में दंत चिकित्सक की उपाधि प्राप्त की और कॉस्मेटिलॉजिस्ट की उपाधि यूक्रेन से प्राप्त की। मेरी सामाजिक कार्यों में बहुत रुचि है, जिस कारण मैं अपनी दादी के नाम पर एक संस्था का संचालन कर रहा हूँ,जिसके ज़रिए लोगो के लिए पुरुषार्थ करने का सौभाग्य मिलता है।

Buuks2Read : आपकी पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी दे, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?

Dr. Arvind Mittal : मेरी नई किताब ‘जिगरी’ जो चार दोस्तों के बचपन से लेकर बड़े होने तक की कहानी है। इस किताब की कहानी ‘दोस्ती’ नाम का असली मतलब बताएगी और ये कहानी ऐसे दोस्तों की है, जिनमें से एक दोस्त ने इस संसार में न होते हुए भी दोस्ती निभाई है। ये कोई काल्पनिक कहानी नहीं है, ये सच्ची घटित कहानी है। ये मेरा दावा है कि कहानी ख़त्म होते-होते आपके रोंगटे खड़े कर देगी और आपके मन पर इस कहानी असर काफी समय तक बना रहेगा। मेरा अनुरोध है, आप इसे ज़रूर पढ़े, क्योंकि यह किताब पढ़ने के बाद आपको मालूम होगा कि दोस्ती अभी मरी नहीं है, ज़िंदा है।

Buuks2Read : पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?

Dr. Arvind Mittal : मुझे स्कूली समय से ही लिखने का शौक़ था और यह घटना मेरे ज़हन में थी, तो सोचा पुस्तक प्रकाशित करने का मुहूर्त इसी सच्ची घटित कहानी से किया जाए। बहुत जल्द 2024 तक अन्य 3-4 पुस्तक प्रकाशित करने की योजना है।

Buuks2Read : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?

Dr. Arvind Mittal : देखिए अगर दिल गवाही दे, कुछ करना है और वो अच्छा है, समाज के हित में तो वो कर लेना चाहिए। इसी तरह मुझे अच्छा लगा कि ये घटना मैं सबको साझा करूँ तो मैंने लिख ली। उसके बाद प्रकाशन के लिए बहुत परेशान हुआ कि कहाँ से प्रकाशित कराई जाए, बहुत सारे पब्लिशिंग कंपनियों से बात भी हुई, लेकिन मुझे तनीषा पब्लिशर्स मिला, इन्होंने मेरी सारी चिंताएं दूर कर दी और सरल तरीक़े से मेरी ये पुस्तक प्रकाशित करवा दी।

Buuks2Read : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?

Dr. Arvind Mittal : ये जो पुस्तक है ‘जिगरी’, यह सही मायने में मेरी पहली रचना है और मुझे लगा मेरे शौक़ को अब दुनिया के सामने लाना चाहिए, तो अब यह किताब के रूप में आपके सामने है।

Buuks2Read : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?

Dr. Arvind Mittal : ‘जिगरी’ मेरी पहली पुस्तक है और आप सबके सहयोग और आशीर्वाद से यह पुस्तक नए आयाम छुएगी।

Buuks2Read : किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?

Dr. Arvind Mittal : सबसे ज़्यादा सहयोग पिता जी से मिला और फिर मेरे गुरु भाई से मिला।

Buuks2Read : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?

Dr. Arvind Mittal : मैं सच्ची घटना पर लिखता हूँ और मन अगर साफ़ है तो सब आसान है।

Buuks2Read : आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?

Dr. Arvind Mittal : मैं पेशे से चिकित्सक हूँ, जब मुझे सबसे ज़्यादा थकावट होती है, तो उस समय मैं कहानी लिखता हूँ।

Buuks2Read : आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते है?

Dr. Arvind Mittal : आप बीती पर और इस संसार मैं घट चुका है उससे मुझे प्रेरणा मिलती है।

Buuks2Read : आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?

Dr. Arvind Mittal : मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हूँ, सामाजिक कार्यों के लिए मैं सैकड़ों जगह सम्मानित हो चुका हूँ, भगवान कृष्ण के आशीर्वाद से एक गौशाला संचालित करता हूँ, जिसमे 170 गायें है। यह मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।

Buuks2Read : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?

Dr. Arvind Mittal : चेतन भगत मेरे आइडियल है, इनकी सभी किताबें मुझे पसंद है।

Buuks2Read : साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Dr. Arvind Mittal : समाज सेवा और गौ सेवा।

Buuks2Read : क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Dr. Arvind Mittal : हाँ, अगली पुस्तक प्रेम की सच्ची घटित घटना पर रहेगी और एक पुस्तक स्वास्थ के ऊपर रहेगी।

Buuks2Read : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?

Dr. Arvind Mittal : मैं नहीं समझता कि मैं अभी सलाह देने लायक हूँ, लेकिन बस ये ही कहूँगा कि जो कुछ भी लिखो दिल से लिखें, जो समाज के हित में हो।

Buuks2Read : यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?

Dr. Arvind Mittal : मेरा अनुरोध है, आप सभी मेरी पहली पुस्तक ‘जिगरी’ जरूर पढ़ें। ये मेरा दावा है कि कहानी के अंत तक रोंगटे खड़े हो जायेंगे और 2-3 दिन तक इस कहानी का भूत नहीं उतरेगा।

लेखक की पुस्तक को ऐसे प्राप्त करें-

आप डॉ. अरविंद मित्तल जी की पुस्तक ‘जिगरी’ को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर अमेजन या फ्लिपकार्ट से मंगा सकते हैं। किताब को खरीदने के लिए लिंक नीचे दिए गए हैं।

यदि आपने डॉ. अरविंद मित्तल जी की किताब ‘जिगरी’ को पढ़ चुकें हैं तो अपनी प्रतिक्रिया से कमेंट करके जरूर शेयर करें।

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