काव्य संग्रह ‘परग्रही’ के लेखक आनंदकृष्णन एडचेरी जी से साक्षात्कार

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Buuks2Read को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए आनंदकृष्णन एडचेरी जी को धन्यवाद करते हैं। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि लेखक की एक पुस्तक ‘परग्रही’ पिछले दिनों प्रकाशित हुई है। आनंदकृष्णन एडचेरी जी ने Buuks2Read को साक्षात्कार के दौरान साहित्यिक सफर एवं अनुभवों को भी हमारे साथ साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को आनंदकृष्णन एडचेरी जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-

काव्य संग्रह ‘परग्रही’ के लेखक आनंदकृष्णन एडचेरी जी से साक्षात्कार

Buuks2Read : नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?

Aanandakrshnan Edacheri : नमस्कार जी। मेरा नाम आनंदकृष्णन एडचेरी है। इसमें ‘ एडचेरी ‘ मेरे मूल परिवार का नाम है। मैं केरल में रहनेवाला हूँ और मातृभाषा मलयालम है। हिंदी भाषा में स्नातकोत्तर उपाधि पाकर हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाई।

Buuks2Read : आपकी एक पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी देना चाहेंगें, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?

Aanandakrshnan Edacheri : पिछले दिनों में प्रकाशित मेरे काव्य संकलन का नाम ‘परग्रही’ है। इसमें बीस कविताएँ है। जीवन के विविध संदर्भो को लेकर विभिन्न प्रकार की कविताएँ इसमें प्रस्तुत की है। प्रथम कविता का नाम ‘विश्वविहारी हिंदी’ और अंतिम कविता का नाम ‘सफल जीवन’ है। पुरस्कृत कविताएँ भी इसमें शामिल है।

Buuks2Read : पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?

Aanandakrshnan Edacheri : हिंदी भाषा में पुस्तक, विशेषकर काव्य संकलन प्रकाशित करना मेरा वर्षों का सपना था। मलयालम में काव्य संकलन सन् २०११ में ही प्रकाशित हुआ। हिंदी भाषा के विख्यात हिंदी कवि स्वर्गीय पंडित नारायण देव ( देव केरलीय ) का मार्गदर्शन मुझे मिला था। उससे पहले भी विश्वविद्यालय स्तर पर हिंदी कविता प्रतियोगिता में मुझे पुरस्कार प्राप्त था। आदरणीय सौरव मिश्र जी के वाट्सअप समूह द्वारा मुझे हिंदी काव्य संकलन प्रकाशित करने की प्रेरणा मिली। हमारे देश के लोकप्रिय प्राची डिजिटल पब्लिकेशन का परिचय उन्होंने ही मुझे करा दिया था। इसपर मैं उनसे आभार प्रकट करता हूँ।

Buuks2Read : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?

Aanandakrshnan Edacheri : मेरे पास अनेक स्वरचित कविताएँ है। उनमें से बीस कविताएँ लेकर मैंने प्राची डिजिटल पब्लिकेशन को दिया। ये सब अच्छी कविताएँ है। एक दिन मैंने प्राची डिजिटल पब्लिकेशन की सूचना देखी। पहले मुझे कोई विश्वास नहीं था। लेकिन जब मैं ने प्राची डिजिटल पब्लिकेशन से संपर्क स्थापित किया, तब मेरी चिंताएँ बदल गई। मैंने अपनी रचनाएँ उनकों भेज दी। उन्होंने अत्यंत सावधानी से ज़रा भी व्यस्तता के बिना मेरी कविताओं को अत्यंत ध्यान से पढ़कर संशोधन सुधार करके प्रूफ रीडिङ के लिए मुझे भेजा। प्राची डिजिटल पब्लिकेशन के कार्यकताओं का सेवा भाव विशेष उल्लेखनीय है। इतने कम खर्च में पुस्तक पब्लिश करने वाला दूसरा कंपनी भारत में दूसरा कोई नहीं रहेगा। मुझे इस तरह की सहायता दिए हुए प्राची डिजिटल पब्लिकेशन से मैं जीवन भर ऋणी हूँ।

Buuks2Read : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?

Aanandakrshnan Edacheri : मेरी पहली रचना “तिरिचरिवु” नामक मलयालम काव्य संकलन है। उसका प्रकाशन दस वर्ष पहले हुआ। लेकिन मेरी पहली सृजित रचना “युगांत” (हिंदी कविता) है, जिसे मैंने अपने कॉलेज में पढ़ते समय प्रतियोगिता के लिए लिखी थी। मुझे उस के लिए प्रथम स्थान मिला था। मेरे अगले काव्य संकलन में यह कविता जोड़ दूँगा।

विश्वविद्यालय स्तर पर कविता रचना के लिए प्रथम स्थान मिलने के बाद मैंने साहित्य जगत में प्रवेश किया। तब तक मुझे मालूम नहीं था कि मुझमे कविता करने की क्षमता है।

Buuks2Read : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?

Aanandakrshnan Edacheri : हिंदी भाषा में “स्वर्णिम तितली”, “जादूगर कौन” आदि कविताओं के लिए मुझे ज्यादा प्रशंसा मिली थी। “प्यार की धड़कन” नामक कविता के लिए मुझे काव्यश्री पुरस्कार मिला था।

Buuks2Read : किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?

Aanandakrshnan Edacheri : मुझे अपने परिवार से पूर्ण सहयोग मिलता है। मैं एक स्कूल का अध्यापक हूँ। वहाँ के मित्रगण भी मुझे प्रोत्साहित करते है। केरल की सपर्या सांस्कृतिक समिति की ओर से भी सृजनात्मक कार्यों में मुझे ज़्यादा प्रोत्साहन मिलता रहता है।

Buuks2Read : साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियाँ / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगें?

Aanandakrshnan Edacheri : मुझे साहित्यिक क्षेत्र में आने के बाद विभिन्न पुरस्कार मिले है। थुंचन कविता पुरस्कार, ए. एन. ई सुवर्णवल्ली मेमोरियल तुलुनाड़ निबंध पुरस्कार, उत्तरी मलबार धार्मिक सम्मेलन में प्रस्तुत शोध आलेख के लिए स्वर्ण पदक, शिक्षा विभाग की ओर से केरल का राष्ट्रीय शिक्षक दिवस काव्य पुरस्कार, डी. डी. भारती का काव्यश्री अवार्ड-2022, अटल साहित्य सम्मान, राष्ट्रीय साहित्य सम्मान (2022 ), नूतन वर्ष साहित्य सम्मान-2023 और सद्गुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान नागौर राजस्थान से कबीर कोहिनूर राष्ट्रीय साहित्य अनुवाद सम्मान – 2023, साहित्य सारथी पुरस्कार, विश्व हिंदी गोरव सम्मान, सौहार्द साहित्य सम्मान, काव्यश्री साहित्य रत्न पुरस्कार (2023 ) आदि प्राप्त है।

Buuks2Read : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?

Aanandakrshnan Edacheri : सबसे ज़्यादा मैं कविता ही लिखता हूँ। आसान नहीं है, लेकिन मुझे कविता लिखना बहुत पसंद है।

Buuks2Read : आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?

Aanandakrshnan Edacheri : निश्चित समय नहीं है। कभी कभी मैं बसगाड़ी मे बेठकर लिखता हूँ, रात को घर आकर और कभी देर रात तक बैठकर लिखने की भी आदत है। विशेष समय प्रबधन नहीं है जी।

Buuks2Read : आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते है?

Aanandakrshnan Edacheri : मेरे लिए यह प्रकृति ही बहुत बड़ी प्रेरणा है। उसके अलावा सामाजिक समस्याएँ भी प्रेरणा के रूप में आकर ठहरती है, निमंत्रण करती है।

Buuks2Read : आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?

Aanandakrshnan Edacheri : मेरे जीवन में सबसे बडी उपलब्धि कबीर कोहिनूर राष्ट्रीय अनुवाद सम्मान की प्राप्ति है। सुविख्यात और आदरणीय डा. अभिषेक कुमार जी के द्वारा रचित “आधुनिक भारत के निर्माण में सद्गुरू कबीर का योगदान” नामक पुस्तक के मलयालम अनुवाद करने के कारण ही मुझे यह मिला था। उस ग्रंथ का एक साथ अठाईस भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया था। नई दिल्ली के डा. अम्बेडकर हॉल से मुझे यह पुरस्कार मिला था। यह मेरे लिए अविस्मरणीय घटना है।

Buuks2Read : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?

Aanandakrshnan Edacheri : आनंदकुमार के द्वारा रचित आत्म विकास नामक पुस्तक ( नई दिल्ली के राजपाल एंड सन्स के द्वारा मुदित) ने मेरे जीवन को नई दिशा प्रदान की।

Buuks2Read : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Aanandakrshnan Edacheri : हिंदी भाषा आज दुनिया के करोड़ो लोगों की बोलचाल की भाषा है। इसकी प्रगति अद्भुतजनक है, लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक हिंदी को राष्ट्रभाषा का पद नहीं मिला। हिंदी साहित्य भी आज विकास के पथ पर अग्रसर है।

Buuks2Read : साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Aanandakrshnan Edacheri : जी हॉ। मलयालम भाषा मे भी मैं लिखता हूँ। मलयालम का कवितापाठ सुनना भी मुझे अत्यंत पसंद है। इसके अलावा ज़्यादा से ज़्यादा (स्त्री हो या पुरुष) दोस्तों से मिलकर संपर्क बढ़ाना भी पसंद है।

Buuks2Read : क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Aanandakrshnan Edacheri : मैं निकट भविष्य में और एक काव्य संकलन प्रकाशित करने के विचार में हूँ। विख्यात मलयालम कवि स्वर्गीय बिजु काञ्जंगाड़ के काव्य संकलन का हिंदी अनुवाद कार्य अब समाप्त होने वाला है। तुरंत ही मैं उसके मुद्रण कार्य पर प्रवेश भी करूँगा।

Buuks2Read : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?

Aanandakrshnan Edacheri : ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ना है। भारतीय संस्कृति अत्यंत पवित्र और अति पुरातन है। हिंदी साहित्य में जयशकर प्रसाद की सारी कविताएँ पढ़ना नवीन लेखकों का धर्म है। कबीर के ‘बीजक’ पढे बिना कोई भी साहित्य क्षेत्र में उतरना नहीं चाहिए।

Buuks2Read : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?

Aanandakrshnan Edacheri : मैं भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बना रहूँगा। लिखने के लिए ज़्यादा है।

Buuks2Read : यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?

Aanandakrshnan Edacheri : अच्छी कविताएँ पढ़कर, दुश्चिताओं से मुक्त हो जाइए। प्यार, ममता, दया, करुणा, विश्वास आदि के द्वारा जीवन के स्वर्णिम भवन का निर्माण कीजिए।

लेखक की पुस्तक कैसे प्राप्त करें-

आप लेखक की पुस्तक को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर अमेजन या फ्लिपकार्ट से मंगा सकते हैं। किताब को खरीदने के लिए लिंक नीचे दिए गए हैं।

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