पहली बार पुस्तक प्रकाशन करा रहे हैं तो आपको यह बातें जरूर जाननी चाहिए

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पहली बार पुस्तक प्रकाशन करा रहे हैं तो आपको यह बातें जरूर जाननी चाहिए

यदि आप पहली बार पुस्तक प्रकाशन कराने के लिए विचार कर रहें हैं तो आपके लिए यह लेख बहुत उपयोगी सिद्व होगा। अक्सर नये लेखक जब पुस्तक प्रकाशन के लिए विचार बनाते हैं तो सर्वप्रथम वे सबसे ज्यादा रॉयल्टी के भ्रम और सस्ती बजट फ्रैंडली सेल्फ पब्लिशिंग योजनाओं के बीच में फंसकर सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। वहीं, कई बार सेल्फ पब्लिशिंग प्रकाशकों की ओर से जारी किए गये विज्ञापन उन्हें आकर्षित करते हैं, जैसे कि अगले बेस्ट सेलर लेखक बनें या 100% रॉयल्टी प्राप्त करें, ऐसे विज्ञापन लेखक को असमंजस में डाल देते हैं। इस लेख में हम इस संबंध में आपको जानकारी देने जा रहें हैं।

हमेशा भ्रामक विज्ञापनों से दूर रहें

यह हम समझ सकते हैं कि पुस्तक प्रकाशित होना किसी भी लेखक के लिए बहुत स्वर्णिम अवसर होता है या बहुत बड‍़ा सपना होता है या यह भी कहा जा सकता है कि लेखक के लिए गर्व का विषय होता है। वहीं, वर्तमान में सेल्फ पब्लिशिंग मॉडल ने प्रत्येक लेखक के लिए पुस्तक प्रकाशित करना बहुत आसान बना दिया है। लेकिन कई बार प्रकाशक ऐसे विज्ञापन विज्ञापन प्रचारित करते हैं, जिसमें लेखक को बड़े-बड़े सपने दिखाए जाते हैं। जैसे कि सिर्फ 7 दिन में प्रकाशित लेखक बनें, सबसे कम मूल्य पर किताब प्रकाशित करें और 100% रॉयल्टी प्राप्त करें या अगले बेस्ट सेलर बनें इत्यादि भ्रामक विज्ञापनों में अक्सर लेखक फंस जाते हैं।

पूर्व में प्रकाशित लेखकों के अनुभवों का लाभ प्राप्त करें

वहीं, कई बार इतनी सस्ती प्रकाशन योजनाएं प्रचारित की जाती है, जिसमें पुस्तक की लागत भी नहीं निकल पाती है। लेकिन इन भ्रामक विज्ञापनों में लेखक जरूर फंस जाता है, जबकि वास्तविकता में ये सपने लाखों मीलों दूर होते हैं। हमें कई लेखकों ने अपना अनुभव बताया है कि अक्सर कुछ प्रकाशक लेखक के मनोभाव से खेलकर शुरूवात में पैकेज बुक कराने से पूर्व मीठी बातें करते हैं और उसके बाद लेखक से ठीक से बात भी नहीं करते हैं, कई बार कई दिन तक फोन भी नहीं उठाते हैं, न ही उनके मैसेज का जवाब देते हैं। फिर अंत में लेखक स्वयं को ठगा सा महसूस करता है और थकहार कर बैठ जाता है।

इस तरह लेखक का प्रथम प्रकाशन का अनुभव ही खराब रहता है, जिस कारण वह सभी प्रकाशकों को बेईमान और धोखेबाज समझने लगता है। जबकि ऐसा नहीं है, कोई भी प्रतिष्ठित प्रकाशक इस तरह से धोखेबाजी नहीं करता है या मात्र एक हजार या दो हजार या कुछ हजार रूपयों के लिए अपने प्रकाशन हाउस की शाख को खराब नहीं करेगा, क्योंकि उसे सिर्फ एक या पचास सौ किताबें ही नहीं प्रकाशित करनी है, बल्कि उसे अपने प्रकाशन संस्थान के भविष्य को बनाएं रखना है। इसलिए लेखकों को सलाह देना चाहेंगें कि बहुत ही ज्यादा सस्ते पैकेज, बड़े-बड़े दावे करने वाले विज्ञापनों पर न जाएं और अपनी किताब के लिए सही प्रतिष्ठित प्रकाशक का चयन करें। पुस्तक प्रकाशित कराने से पूर्व नये लेखक को पूर्व में प्रकाशित लेखकों से संपर्क कर उनके अनुभव का लाभ उठाना चाहिए।

इसके अलावा लेखकों से बातचीत के आधार पर हमें जानकारी मिली है कि कई बार प्रकाशक पुस्तक को प्रकाशन के बाद लेखक से कहते हैं कि आपको लेखकीय प्रतियाँ खरीदना अनिवार्य है, इसलिए आपको इतने रूपये का शेष भुगतान करना अनिवार्य है। जैसा कि मेरा हमारे साथ अन्य प्रकाशनों से आए लेखकों से बातचीत के आधार पर अनुभव रहा है कि कई बार कुछ प्रकाशक अन्य छुपी शर्तों के नाम पर लेखकों से पैसा वसूल करते हैं, जिन्हें वे लेखक से शुरूवाती पैकेज का पैसा वसूल करने तक नहीं बताते हैं, जो कि बहुत गलत तरीका है। इससे लेखकों का प्रकाशकों से विश्वास उठ जाता है और लेखक अन्य प्रकाशकों पर भी विश्वास नहीं कर पाता है।

विश्वसनीय प्रकाशक का चयन करें

यदि आप लेखक हैं और पहली बार अपनी किताब प्रकाशित कराने के लिए सेल्फ पब्लिशिंग प्रकाशन का चयन करने जा रहे हैं तो आपको सर्वप्रथम बजट फ्रैंडली के साथ ही विश्वसनीय प्रकाशक का चयन करना चाहिए, जो पुस्तक प्रकाशन के साथ आपकी प्रत्येक जिज्ञासा का समाधान कर सके। इससे आपको पुस्तक प्रकाशन का अनुभव हो सकेगा, साथ ही आपको यह भी पता चल सकेगा कि आपकी पुस्तक आपके स्वयं या मित्रों के प्रयास से कितने पाठकों को जोड़ सकती हैं या आपके मित्र मंडली या जानकार आपकी पुस्तक की मार्केटिंग में कितना सहयोग कर सकते हैं या आप अपनी पुस्तक की बेहतर बिक्री के लिए भविष्य में क्या योजनाएं बना सकते हैं।

यदि आप नये लेखक हैं तो निम्न बातों का ध्यान रखें

  • सर्वप्रथम आप जिस प्रकाशक से किताब प्रकाशित कराना चाहते हैं, आपको उसके बारे में Google या Facebook पर विवरण खोजना चाहिए और उसके बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
  • प्रकाशक की ऑफिसियल वेबसाइट पर जरूर विज़िट करें और उनके प्रकाशन शुल्क का विवरण, अक्सर पूछे जाने वाले सवालों का पेज व शर्तों का भलिभॉति अवलोकन करें।
  • यह भी देखें कि प्रकाशक की वेबसाइट प्रोफेशनल तरीके से संचालित भी हो रही है या नहीं। यह भी देखें कि प्रकाशक के स्वयं के डोमेन पर ऑफिसियल वेबसाइट हो। कई बार प्रकाशक नि:शुल्क प्लेटफार्म पर वेबसाइट बनाते हैं, जो कि कुछ दिन बाद बंद हो जाती है।
  • सोशल मीडिया प्रोफाइल पर प्रकाशक पिछले कार्यों का अवलोकन करें और संबंधित प्रकाशक के लिए लेखकों की समीक्षाओं का भी अवलोकन करें।
  • प्रकाशित होने वाली पुस्तक की प्रकाशन अवधि और लेखकीय प्रतियों की डिलिवरी समय सीमा सहित प्रकाशन शुल्क का विवरण लिखित में व्हॉटसएप या ई-मेल पर जरूर मंगा लें।
  • यदि प्रकाशन हाउस का साझा संकलन प्रकाशित होता है तो साझा संकलन में शामिल हो, ताकि आपको उनकी कार्यशैली व क्वालिटी का पता चल सके।
  • प्रकाशक की पुस्तकें Amazon या Flipkart से खरीदें और पुस्तक की क्वालिटी, लेआउट का अवलोकन करें।
  • प्रकाशक की प्रकाशन पॉलिसी को ध्यान से अवलोकन करें और किसी भी तरह की शंका या कोई प्वाइंट समझ में न आने पर साफ-साफ शब्दों में बात करें।
  • यह भी ध्यान दें कि हमेशा प्रकाशक के ऑफिसियल बैंक खाते या पेमेंट एप पर ही भुगतान करें। जैसे कि प्राची डिजिटल पब्लिकेशन के नाम से प्रकाशक है, तो ध्यान दें कि उनके बैंक विवरण में प्राची डिजिटल पब्लिकेशन हो या भुगतान एप में भी यही नाम दिख रहा हो। अक्सर देखने में आया है कि कई लोग यह बताकर कि वह प्रकाशन का मालिक है, किसी अन्य प्रकाशन के नाम पर पैसा ले लेते हैं, और बाद में फोन उठाना बंद कर देते हैं या फोन स्विच ऑफ कर देते हैं।

अधिक रॉयल्टी या बज़ट फ्रेंडली पैकेज में से क्या चुनें

बात यहीं पर खत्म नहीं होती है, कई बार लेखक भी ज्यादा रॉयल्टी के कच्चे लालच में भी प्रकाशन के बड़े प्लान ले लेते है, लेकिन प्रकाशन के बाद में लेखक को पछतावा होता है। इसके अलावा कई लेखक कुछ प्रकाशक के अधिक लेखकीय प्रतियाँ देने के प्रति आकर्षित होते हैं। यह भी विचार करने योग्य है कि अधिक प्रतियां लेकर लेखक क्या करेंगें, नि:शुल्क ही अपने परिचितों में बाटेंगें, जिससे लेखक का आर्थिक नुकसान तय है। जबकि यदि लेखक के मित्र या पाठक वर्ग उनके प्रति सहानुभूति रखते हैं तो वे सीधे प्रकाशक या ऑनलाइन माध्यम से भी मंगा सकते हैं। ताकि लेखक को अधिक आर्थिक नुकसान न हो और लेखक का आत्मविश्वास भी बढ़े।

यह भी पढ़ें – Self Published लेखकों के लिए पुस्तक प्रमोशन करने के प्रभावी तरीके (हिंदी में)

बड़े नाम के पीछे न भागें

कुछ लेखकों को यह भ्रम होता है कि अमुक प्रकाशक का नाम बड़ा है, यदि मेरी किताब इस प्रकाशन से आएगी तो अवश्य बेस्ट सेलर बन जाएगी या कुछ न कुछ किताबें जरूर बिक जाएगी। जबकि यह सिर्फ विज्ञापनों का छलावा है और कुछ नहीं है, क्योंकि एक सेल्फ पब्लिशिंग प्रकाशक के पास सैंकड़ों-हजारों किताबों का कैटलॉग हैं, जिसमें से पाठक वही किताबें खरीदेगा, जिसका विज्ञापन या प्रमोशन उसे दिखाई देगा और कोई भी प्रकाशक भुगतान लेने के बाद ही विज्ञापन करेगा, इसलिए यह तो कंफर्म है कि जब तक लेखक अपने स्तर से कुछ मेहनत नहीं करेगा, तब तक किताबें बिकना मुश्किल ही नहीं असंभव है। यह भी कह सकते हैं कि प्रकाशक लेखक को सिर्फ पब्लिशिंग सेवाएं ही प्रदान कर सकता है, बेस्ट सेलर लेखक बनने की गारंटी नहीं दे सकता है। गारंटी सिर्फ लेखक की मेहनत या लेखक द्वारा तैयार की गई प्रमोशन व मार्केटिंग योजनाएं ही दे सकती है।

अक्सर हमने अक्सर लेखकों से शिकायतें सुनी है कि मैं हजारों रूपये एक किताब के लिए खर्च कर चुका हूँ, लेकिन मेरी एक किताब नहीं बिक पाई है, जबकि मैंने बड़े नामी प्रकाशक का हजारों का पैकेज लिया था। असफलता के बाद लेखक फिर से नये प्रकाशक को ढ़ूढते हैं जो उनकी किताब को बेस्ट सेलर बना सके। जो कि असंभव है क्योंकि कोई भी किताब प्रकाशक के नाम से बेस्ट सेलर नहीं बनती है, बल्कि लेखक की किताब स्वयं की मेहनत से बेस्ट सेलर बनती है।

अधिकांश लेखकों के अनुसार 100% रॉयल्टी

मैं काफी लंबे समय से लेखकों से बातचीत करता रहा हूँ, जिनमें से अधिकांश लेखकों को 100% रॉयल्टी न मिलने के कारण नाराजगी रहती है। पिछले दिनों मेरी एक अनाम लेखक से बात हो रही थी, उनकी भी यही शिकायत थी कि 100% रॉयल्टी कहीं भी नहीं दी जाती है। उनकी समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से मैंने उनसे पूछा कि आप 100% रॉयल्टी से क्या समझते हैं?

जवाब में अनाम लेखक ने जो बताया वह सिर्फ कल्पनाओं में ही संभव है। अनाम लेखक के अनुसार यदि लेखक की पुस्तक 100 रूपये की है तो लेखक को 100% रॉयल्टी के रूप में 100 रूपये मिलने चाहिए। अनाम लेखक महोदय की मनोस्थिति को जानकर मैंने उन्हें जवाब दिया कि हमारा पब्लिकेशन ही नहीं, दुनिया का कोई भी प्रकाशक आपको आपकी काल्पनिक सोच के अनुसार 100% रॉयल्टी नहीं दे सकता है।

जहाँ तक मुझे लगता है कि रॉयल्टी को लेकर अधिकांश लेखकों की यही काल्पनिक अभिलाषा रहती होगी, जो कि अनाम लेखक की रही है। ऐसी ही कई गलत धारणाओं के कारण अक्सर लेखक प्रकाशकों के व्यवसाय को अनुचित या अवैध समझते हैं। जबकि सेल्फ पब्लिशिंग भी एक सर्वमान्य वैध व्यवसाय है। इस संबंध में मैंने पहले भी एक आलेख के माध्यम से रॉयल्टी के बारे में विस्तार से बताया था।

आखिर कैसे निर्धारित होती है 100% रॉयल्टी?

अधिकांश लेखकों की यह अभिलाषा होती है उन्हें 100% रॉयल्टी प्राप्त हो, अर्थात यदि लेखक की पुस्तक 100 रूपये की है तो लेखक को 100% रॉयल्टी के रूप में 100 रूपये मिलने चाहिए, जो कि पूरी तरह से काल्पनिक है। आपकी जानकारी के लिए बता देना चाहते हैं कि वर्तमान में प्रिन्ट ऑन डिमांड टेक्नॉलॉजी के अर्न्तगत लेखक की प्रतियाँ पाठकों की डिमांड के अनुसार प्रिन्ट की जाती है। मान लिजिए, यदि आपकी पुस्तक के लिए एक कॉपी का आर्डर आए या एक हजार या एक लाख कॉपियों के लिए आर्डर आए। उसके लिए आपको अतिरिक्त चार्ज देने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि यह प्रकाशक की जिम्मेदारी है कि वह अपने स्तर से मांग पूरी करे।

आपको बता दें कि लेखक को दी जाने वाली 100% रॉयल्टी लाभ को पुस्तक की प्रिन्ट कॉस्ट, अमेजन या फ्लिपकार्ट की सेलिंग फीस, डिस्ट्रीब्यूशन, अन्य सहयोगी पार्टनर का शेयर, पैकेजिंग खर्च (अमेजन या फ्लिपकार्ट के मामले में ब्रांडेड पैकेजिंग मैटिरियल उनसे ही अपने खर्च पर खरीदना होता है) को निकालकर दिया जाता है। अर्थात, 100% रॉयल्टी = बिक्री मूल्य – (प्रिंटिंग लागत + वितरण लागत + ईकॉमस चार्जेस)। इस तरह से एक प्रकाशक द्वारा लेखक को 100% रॉयल्टी का भुगतान किया जाता है।

नए लेखकों के लिए बेहतर विकल्प

ऐसी स्थिति में हमारी यूनिट Taneesha Publishers द्वारा लेखक को बजट फ्रैंडली प्रकाशन योजनाएं उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही हर समय लेखक की प्रत्येक जिज्ञासा का समाधान भी किया जाता है और लेखक को 10% की फिक्सड रॉयल्टी प्रदान किया जाता है। अब आप सोचेंगें कि 10% तो बहुत कम है। सबसे पहले तो आपको बताना चाहते हैं कि तनीशा पब्लिशर्स की प्रकाशन योजनाएं इतनी सस्ती हैं कि उसमें प्रिन्टिंग कॉस्ट ही निकाली जा सकती है, ताकि लेखक को सस्ती सेल्फ पब्लिशिंग योजनाएं उपलब्ध हो सके और प्रत्येक लेखक का पुस्तक प्रकाशित कराने का स्वपन पूरा हो सके। जबकि पुस्तक का कवर डिजाइन, पुस्तक का लेआउट, अमेजन और फ्लिपकार्ट पर पुस्तक की उपलब्धता, लाइफटाइम इंवेंट्री मैनेजमेंट और लेखकीय साक्षात्कार जैसी महत्चपूर्ण सुविधाएं तनीशा पब्लिशर्स की सभी बजट फ्रैंडली योजनाओं में शामिल हैं। सबसे बड़ी बात है कि लेखक बजट फ्रैंडली प्रकाशन योजनाओं के अर्न्तगत पुस्तक प्रकाशित कराकर अपनी किताब की सफलता का भी अवलोकन कर सकते हैं, जिससे उनका भारी भरकम निवेश बच जाता है।

यदि आप लेखक हैं तो यह भी पढ़ें – लेखकों के मध्य पुस्तक प्रकाशन से जुड़ी कुछ भ्रांतियां, जो एक लेखक को जानना चाहिए

यदि लेखक को प्रकाशन के बाद महसूस होता है कि उसकी किताब उसके नाम पर बिक सकती है, तो वह अधिक रॉयल्टी पर बड़ी प्रकाशन योजनाएं अन्य प्रकाशक से ले सकते है, लेकिन हमारी सलाह है कि शुरूवात हमेशा छोटे निवेश के साथ करें। ताकि आपको प्रकाशन का अनुभव हो सके। बता दें कि तनीशा पब्लिशर्स की प्रकाशन योजनाएं सिर्फ ₹2,999 से शुरू है, जो कि प्रत्येक नये लेखक के लिए बजट फ्रैंडली योजना है। साथ ही प्रकाशन द्वारा लेखक को मार्गदर्शन दिया जाता है, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया जाता है। इसके अलावा लेखक की किताबें लगभग एक महीने में प्रकाशित कर दी जाती है।

अब तक तनीशा पब्लिशर्स से जुड़े लेखकों का अनुभव यह कहता है कि लेखक को यदि अपना समय और पैसा दोनों का ध्यान रखना है तो तनीशा पब्लिशर्स से ही अपनी किताब प्रकाशित कराएं। यह भी उल्लेखनीय है कि तनीशा पब्लिशर्स की प्रिन्टिग एवं बाइंडिंग क्वालिटी का बहुत ध्यान रखा जाता है और पुुस्तकों में ए-1 ग्रेड पेपर का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि पाठक एवं लेखक सभी द्वारा बहुत पसंद किया जाता है। कई बार लेखक की पुस्तकें कुछ समय बाद ई-काॅमर्स वेबसाइट पर आउट ऑफ स्टॉक दिखने लगती है, जबकि तनीशा पब्लिशर्स प्रिन्ट ऑन डिमाण्ड मॉडल पर कार्य करता है इसलिए यहाँ से प्रकाशित लेखकों की पुस्तकें कभी भी आउट ऑफ स्टॉक नहीं दिखती है।

बजट फ्रैंडली प्रकाशन योजना – तनीशा पब्लिशर्स की बज़ट फ्रैंडली योजनाओं का अवलोकन करें

आपको बता दें कि तनीशा पब्लिशर्स को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि लेखक पुस्तक प्रकाशन के सफर को शुरू कर सके। इसके आगे पुस्तक प्रकाशन का विचार और निर्णय आपका है। हमारी ओर से नये लेखक को सिर्फ सलाह और मार्गदर्शन ही दिया जा सकता है। यदि आप नये लेखक हैं तो आपको प्रथम पुस्तक के प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं और यदि प्रकाशित लेखक हैं तो आपकी नई पुस्तक के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

यदि आपकी पुस्तक प्रकाशन से संबंधित कोई जिज्ञासा या सवाल है, जिसका जवाब आप नहीं ढ‍़ूंढ पा रहें हैं या आपको कोई संतुष्टिपूण जवाब नहीं मिल पाया है, तो आप हमसे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हमारी टीम जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास करेगी।

Written by Rajender Singh Bisht
(लेखक प्रकाशन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और इससे पूर्व लगभग दस वर्ष तक पत्रकारिता में रह चुकें है।)


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नन्द कुमार
नन्द कुमार
September 21, 2022 6:16 PM

अच्छी जानकारी पुस्तक प्रकाशित कराने बाले लेखकों के लिए

Deepa Mishra
Deepa Mishra
September 21, 2022 6:20 PM

नये लेखकों को यह सारी जानकारियांँ धैर्य पूर्वक पढ़नी चाहिए। पुस्तक लाना एक स्वप्न होता है किन्तु सही प्रकाशक न मिलने पर यह बहुत ही दुस्वप्न बनकर रह जाता है।

सुरंजना पांडेय
सुरंजना पांडेय
September 21, 2022 7:09 PM

बहुत सुन्दर जानकारी आपके प्रकाशन के द्वारा। आपकी सह्दयता कुशल व्यवहार और समय बद्धता आपको अन्य प्रकाशन से बेहतर बनाती है। क्योंकि मेरे कई सांझा संग्रह और दो एकल संकलन “कहानियां बोलती है।” और “भावों की लहर” आपके प्रकाशन में तय समय के अनुसार ही छपी है इसके लिए आप साधुवाद के पात्र हैं।

Geeta Singh
Geeta Singh
September 21, 2022 8:08 PM

पुस्तक प्रकाशन के लिए बहुत सुन्दर जानकारी दी आपने।मैने कई साझा संग्रह प्रकाशित कराए हैं।आपका कार्य सराहनीय है।आपके कार्य को साधुवाद।

LAXMAN SINGH TYAGI
LAXMAN SINGH TYAGI
September 21, 2022 8:25 PM

बहुत ही सुंदर एवं सारगर्भित जानकारी प्रदान की गई है इसके लिए आपको साधुवाद है । मैं आपके विचारों से सहमत हूँ ।